بوحنيكة مراد
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02 July 2017



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مجرد رأي بخصوص جريمة مقتل خاشجقي و أعتراف السعودية المملي من أمريكا
كان  أختفاء ،  ثم  اصبح  قتيل  و بين الأختفاء  و القتل  كانت  كل الادلة  تثبث  أنها جريمة  قتل بشعة تمت  خلال  دخول  الضحية  مقر  القنصلية  ، طبعا  من  منظور  ما  أنفردت  به  تركيا  سواء  التسريبات الاولية  ،أو بلاغات  الادعاء أو  حتى  وسائل  الاعلام  و  ما  ألتقطته كامرات  المراقبة  من  اللحظة الاولى ، او  حتي  قبلها بداية من  وصول  فريق  الاغتيال..
  تركيا تقول أن لديها  تسجيل  صوتي   يوضح  عملية القتل  و التقطيع  حتي  ان  لديها ما  يزعم  بأن عملية التقطيع  دامت 15  عشر  دقيقة  والسؤال  الدى  يطرح نفسه  بقوة  هو ؟ لمادا  تكتمت  تركيا  و أنتظرت  15  يوم .للبدأ  بعملية  التحقيق  و التفتيش  و هو السؤال المطروح  بقوة ???. ثم ان  هناك  سؤال  اخر وهو .  هل  فطرة الأتراك  لا  تجبرهم  بالتدخل  امام  جريمة  ثابثة  و دالة فى  لحظتها  ? و هل  هناك  قانون  دولى  يمنع دلك ،  سمعنا  ان الكثير  من  الاشخاص  اتهموا  و دخلوا  السجون بمجرد أنهم  مروا  أمام جريح  او  قتيل  و  لم يقدموا  مساعدة  أو  اشهاد  فما  بالك  بجريمة بشعة لا  يمكن  ان يفعلها   سوى  مجرم    متحصن و فوق  التراب  التركى  تستدعى  تدخل  جميع  القوى الأمنية   على  الفور  سواء   لمسك  الجناة  و  اثباث  القرائن  أو  ببساطة   تلبية  لفطرة  الانسان  التى  ورثت  مند  ملايين  السنين.
  أن  اللغز يمكن حصره   فى  أمر  واحد و هو  يتعلق  بمكانة  السعودية  عند  ادارة  ترامب  من جهة  و من  جهة  ثانية   ضعف  تركيا   كدولة  غربية   تقع  على الطرف  الاخر  من القارة  العجوز و  يبدو ان الجثة  اخفيت  هناك  على  الطرف  الاسياوي ...و.
فى  أي  حال  من الأحوال  أرى ان  تركيا  حتى هده الساعة  متهمة   بالتقصير و  التخادل ، ننتظر  الساعات  و  الايام القادمة  يمكن  أن نغير   النظرة  فى  حال  أن  تركيا  لديها  ما  تثبثه  بقوة  و  ساعتها  لن  تتغير  نظرة   العالم  الدى  ينتظر فى الحقيقة  و  ينمى النفس  بانزال عقوبة قاسية  على  أعلى  مستوى  من  القيادة السعودية ،أما عكس  دلك   فأدلة الثبوث  الاولية  التى  تدعى  انها  تملكها  دون أظافة  مكان  الجثة  او جزء  منها  أو تقديم  مدكرة  دولية   ضد  المتورطين   قد  تدينها   بمجرد  أن  القضية  تمر  مرور  الكرام  على   قيادة   السعودية  و بالمقام الاول  من  خطط  و أمر   بالعملية  الشنعاء  وفى اي   حال  من   الأحوال  تبقى  تركيا لحد  الساعة  متهمة و طرف  أخر  ينظر  أليه  بنوع  من  الريبة  
فى  الحقيقة     كان  من السهل  جدا  للأتراك  مباشرة  التحقيق   باستدعاء  سائق  القنصل  او سائقى  تلك السيارات  التى  ناورت  و  كان من  السهل  جدا  كشف  المستور  حتى  بدون  تفتيش  بيت  القنصل  و القنصلية  التى  كانت  كل  الدلائل تثبث  بأن  المحققون  لن  يجدوا  أثر للجثة و هي  الجريمة التى  وقعت  قبل  الحال  باكثر  من 15 عشر يوم.






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